छत्तीसगढ़ के प्रायमरी और मिडिल स्तर के स्कूलों का बेहाल
छत्तीसगढ़ के प्रायमरी और मिडिल स्तर के स्कूलों के अधिकांश बच्चों को बड़ी खुजली( Scabies) की महामारी चल रही है, ये बच्चे किसी भी तरह से स्कूलों में तो आते है पर वे खुजली की बीमारी से अत्यंत परेशान होते है. ऐसे में बच्चों के अधिकांश समय स्कूलों में पढ़ने के बजाय खुजली के परेशानी से जूझते रहते है. ऐसे बच्चे जो ठीक तरह से घरों से जाते है उनके सम्पर्क में आने से उनको भी Scabies की दिक्कत हो जाती है.
एक सर्वे के अनुसार ऐसे बच्चे जो बैगा इलाके के छात्रावास में उपरोक्त स्तरों की पढाई करते है उनमें 59 प्रतिशत बच्चे किसी न किसी समय Scabies से प्रभावित होते है.
जानकारों में माना जाता है कि जब किसी भी बच्चों को ज्यादा दिन तक खुजली की परेशानी होती है उसका असर उनके गुर्दे पर भी पाया जाता है.
क्या किया जा सकता है-
सभी ऐसे जगह का चुनाव करे जहां पर Scabies की परेशानी है?
सामुदायिक स्तर पर इलाज की ब्यवस्था की जाना चाहिए.
छात्रावास में सभी सोने और पहनने के कपड़ो को एक साथ धोने की व्यवस्था करनी चाहिए.
(प्रफुल्ल चंदेल)
जन स्वास्थ्य सहयोग

